ऊर्जा मुद्दे पर घिरी सरकार, जयराम रमेश का बड़ा बयान
नई दिल्ली। देश में तेल और गैस की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बीते एक दशक में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84% से बढ़कर 90% हो गई है, जबकि एलपीजी आयात 46% से बढ़कर 62% तक पहुंच गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस गैस का वादा किया गया था, वह अब तक सिर्फ वादा ही बनी हुई है।
रमेश ने प्राकृतिक गैस के मुद्दे को लेकर लगाए गंभीर आरोप
रमेश ने प्राकृतिक गैस के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए 2005 में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC) द्वारा कृष्णा-गोदावरी बेसिन में बड़े गैस भंडार की खोज के दावे का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में 2011 से 2016 के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों में इसे 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया, जिसे बाद में ओएनजीसी में विलय कर छिपाया गया।
सरकार क्या कर रही दावा?
इधर, पेट्रोल पंपों और एलपीजी एजेंसियों पर लंबी कतारों की खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए किसी भी तरह की कमी से इनकार किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में करीब 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है और एक महीने की एलपीजी सप्लाई सुनिश्चित की गई है। मंत्रालय ने इन खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक है और कहीं भी पेट्रोल-डीजल की राशनिंग नहीं हो रही है। सरकारी तेल कंपनियों ने भी सप्लाई सामान्य रहने का दावा किया है। वहीं, विपक्ष ने संसद परिसर में एलपीजी आपूर्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात के बीच तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

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