G7 शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी करेंगे विश्व नेताओं से अहम मुलाकात
एविआं : फ्रांस के एविआं (Evian) में आयोजित हो रहे 52वें G7 शिखर सम्मेलन (16-17 जून 2026) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन के इतर (sidelines) पीएम मोदी दुनिया के कई शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय (Bilateral) बैठकें और अहम मुलाकातें करने जा रहे हैं। पीएम मोदी इस दौरान मुख्य रूप से इन दिग्गज नेताओं के साथ रणनीतिक, व्यापारिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे:
डोनाल्ड ट्रंप (राष्ट्रपति, अमेरिका)
इस समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होने वाली मुलाकात की है। अमेरिकी प्रशासन और भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Pact) को लेकर बातचीत आगे बढ़ेगी। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) की सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक हालातों पर भी दोनों दिग्गज गहन चर्चा करेंगे।
इमैनुएल मैक्रॉन (राष्ट्रपति, फ्रांस)
फ्रांस इस बार G7 समिट की मेजबानी कर रहा है। पीएम मोदी की राष्ट्रपति मैक्रॉन के साथ द्विपक्षीय वार्ता काफी अहम है, क्योंकि हाल ही में दोनों देशों के संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' (Special Global Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाया गया है। दोनों नेता रक्षा सहयोग (विशेषकर राफेल डील और मेक इन इंडिया), स्पेस टेक्नोलॉजी, एआई (AI) और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को गति देने पर चर्चा करेंगे।
कीर स्टार्मर (प्रधानमंत्री, ब्रिटेन)
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ भी पीएम मोदी की मुलाकात की रूपरेखा तैयार है। इस बैठक में मुख्य रूप से भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने और दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अन्य आमंत्रित देशों और वैश्विक संगठनों के प्रमुख
G7 देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा) के नेताओं के अलावा, समिट में 'आउटरीच पार्टनर्स' के तौर पर बुलाए गए अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी पीएम मोदी मिलेंगे:
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आमंत्रित देश: ब्राजील, दक्षिण कोरिया, मिस्र (Egypt) और केन्या जैसे देशों के प्रमुखों से भी उनकी मुलाकातें संभावित हैं।
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ग्लोबल साउथ की आवाज: प्रधानमंत्री मोदी इन मुलाकातों के जरिए न सिर्फ भारत का पक्ष रखेंगे, बल्कि विकासशील और कम विकसित देशों (Global South) की आकांक्षाओं, जलवायु परिवर्तन, सतत आर्थिक विकास और एआई के सुरक्षित उपयोग जैसे मुद्दों को भी वैश्विक मंच पर उठाएंगे।
