‘दीदी’ गाने को लेकर बढ़ी कंट्रोवर्सी, उषा उत्थुप का आया बयान
'दीदी' गाने पर मचे राजनीतिक बवाल पर उषा उत्थुप की सफाई, कहा- 'इसे विवादों से न जोड़ें'
कोलकाता। अपनी दमदार आवाज के लिए मशहूर मशहूर गायिका उषा उत्थुप इन दिनों अपने एक लाइव शो के वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा गाए गए 'दीदी' शीर्षक वाले एक बंगाली गीत को पश्चिम बंगाल की राजनीति और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जोड़कर देखा जा रहा है। अब गायिका ने स्वयं सामने आकर इन दावों का खंडन किया है और सच्चाई स्पष्ट की है।
सोशल मीडिया पर लगे थे गंभीर आरोप
हाल ही में एक यूजर ने उषा उत्थुप का वीडियो साझा करते हुए दावा किया था कि यह गाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक परोक्ष हमला है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि टीएमसी शासन के दौरान कथित तौर पर कमीशन मांगे जाने से परेशान होकर वे मुंबई चली गई थीं और अब वापस लौटकर इस गाने के जरिए अपना विरोध जता रही हैं।
उषा उत्थुप का जवाब: '20 साल पुराना है यह गाना'
मामला बढ़ता देख उषा उत्थुप ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहे दावों में कोई सच्चाई नहीं है। गायिका ने कहा:
-
यह गाना पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और एक प्रसिद्ध अरबी धुन पर आधारित है।
-
वे इस गीत को पिछले दो दशकों से अधिक समय से अपने हर लाइव शो में गाती आ रही हैं।
-
उन्होंने कोलकाता छोड़ने की खबरों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे 1976 से इसी शहर में रह रही हैं और कोलकाता ही उनका एकमात्र घर है।
'मुझे राजनीति में न घसीटें'
उषा उत्थुप ने प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि उनके काम को बेवजह विवादों का हिस्सा न बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल पोस्ट में किए गए कमेंट्स या राजनीतिक व्याख्याओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही वे ऐसी किसी विचारधारा का समर्थन करती हैं।

खरीफ पूर्व तैयारी : राजनांदगांव में खाद वितरण तेज, वैकल्पिक उर्वरकों की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
सहकारिता मंत्री सारंग ने चांदबड़ में किया "संपर्क अभियान 2026" का शुभारंभ
राज्यमंत्री गौर शुक्रवार को करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल
स्काउट्स-गाइड्स बनेंगे युवा दूत मासिक धर्म स्वच्छता और लैंगिक समानता पर टूटेगी चुप्पी