नगर निगम सदन में तीखी बहस, हंगामे के बाद बड़ा फैसला
आगरा|नगर निगम के विशेष सदन में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। मेयर और नगरायुक्त के बीच चल रही खींचतान उस समय चरम पर पहुंच गई, जब बिना किसी निर्धारित एजेंडे के सदन की कार्यवाही शुरू हुई। सदन से नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल की अनुपस्थिति को पार्षदों ने अपमान करार देते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव पर 72 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, विपक्ष ने इसे भाजपा और सरकार का फेल्योर करार दिया।
मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी कार्रवाई की संस्तुति
मेयर ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि सदन की गरिमा सर्वोपरि है। अधिकारी का सदन से नदारद रहना जनप्रतिनिधियों की अनदेखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्षदों द्वारा हस्ताक्षरित इस निंदा प्रस्ताव को उचित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा।
विपक्ष का हमला: ट्रिपल इंजन फेल
सदन में हंगामे के बीच बसपा पार्षदों ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया। बसपा दल के नेता ने कहा कि यह विवाद भाजपा के ट्रिपल इंजन सरकार की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने सुझाव दिया कि मेयर और नगरायुक्त को आपसी मनमुटाव बैठकर सुलझाना चाहिए ताकि शहर का विकास न रुके।
भाजपा पार्षदों ने अधिकारी की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। चर्चा के बीच असंतोष जताते हुए बसपा पार्षदों ने सदन से वॉकआउट किया। बिना एजेंडा सदन होने के कारण विकास कार्यों पर चर्चा नहीं हो सकी।

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