इंदौर-दिल्ली का सफर हुआ आरामदायक, 55% ट्रेनें हुईं LHB कोच वाली, 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी
Indore News: इंदौर जंक्शन मध्य प्रदेश के बड़े रेलवे स्टेशनों में से एक है. यहां से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करना अब आरामदायक और सुरक्षित हो गया है. इंदौर से चलने वाली ट्रेनों में लिंक हॉफमैन बुश (Linke Hofmann Busch) कोच लगाए जा रहे हैं. इससे ट्रेन से यात्रा करने का एक्सपीरियंस बदल गया है. इससे यात्री सुविधाओं में विस्तार हुआ है. इसके साथ ही देश की राजधानी दिल्ली और दूसरे शहरों के लिए सफर आरामदायक हुआ है.
55 फीसदी ट्रेनों में LHB कोच
इंदौर रेलवे स्टेशन, पश्चिम रेल मंडल (Western Rail Zone) के रतलाम डिवीजन (Ratlam Division) में आता है. इंदौर से चलने वाली 88 ट्रेनों में से 50 से ज्यादा ट्रेनों में LHB कोच लगाए जा चुके हैं. ये संख्या कुल ट्रेनों 55 फीसदी है. इंदौर और महू (डॉ अंबेडकर नगर) में 26 LHB कोच मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल 50 से ज्यादा ट्रेनों में किया जा रहा है. इन ट्रेनों को यशवंतपुर (बेंगलुरु), हैदराबाद, पुणे, मुंबई और दिल्ली जैसे व्यस्त रूट के लिए किया जा रहा है.
LHB कोच के साथ ये ट्रेनें दौड़ रहीं
इंदौर से LHB कोच के साथ चल रही ट्रेनों में इंदौर-दिल्ली सुपरफास्ट, नागपुर त्रिशताब्दी एक्सप्रेस, डॉ अंबेडकर नगर यशवंतपुर एक्सप्रेस, इंदौर-देहरादून एक्सप्रेस, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस, इंदौर वेरावल एक्सप्रेस, इंदौर बीकानेर महामना एक्सप्रेस, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस में 31 मार्च 2026 तक एलएचबी कोच लगाए जाएंगे.
ट्रेनों में LHB कोच लगाने के क्या फायदे हैं?
सुरक्षा की दृष्टि से LHB कोच को अहम माना जाता है. इसे स्टेनलेस स्टील से बनाया जाता है.
इन कोचों को जर्मन टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाता है.
एंटी टेलिस्कोपिक फीचर की वजह से दुर्घटनाओं के दौरान LHB कोच एक-दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं. इससे जान-माल नुकसान कम होता है.
इन कोचों में एडवांस्ड सस्पेंशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. इस वजह से इसमें शोर और कंपन कम होता है.

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